समाज में बहुत से लोग आसपास होते हैं, लेकिन हर किसी पर विश्वास करना सही नहीं है। बच्चों, जब आप सतर्क और जागरूक होंगे, तभी बेड टच और दुष्कर्म जैसे घिनौने अपराधों पर अंकुश लगेगा।” यह बात राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और जिले के प्रभारी सचिव नवीन जैन ने कही, जैन शनिवार को झुंझुनूं के प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों से रूबरू थे।
सुरक्षित बचपन की ‘स्पर्श’ पाठशाला नवीन जैन ने संवाद की शुरुआत सीधे बच्चों के व्यवहार और उनकी सुरक्षा से की। उन्होंने कहा ‘स्पर्श’ प्रोग्राम के जरिए बच्चों को सतर्क किया जा रहा है।
बैड टच और व्यवहार: उन्होंने बच्चों को बहुत ही सरल तरीके से बताया कि किस तरह के व्यवहार को स्वीकार करना है और कहाँ ‘ना’ कहना है। उन्होंने बच्चों को अपने आसपास के माहौल को समझने और संदिग्ध व्यवहार को तुरंत पहचानने की सीख दी। सोशल मीडिया का ‘जहर’: शिक्षा की नगरी झुंझुनूं के बच्चों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो सामग्री परोसी जा रही है, वह अक्सर बच्चों के लिए घातक होती है। उन्होंने बच्चों को सही और गलत सामग्री के बीच अंतर समझने की सलाह दी। किस पर करें विश्वास? जैन ने स्पष्ट किया कि बच्चों को यह पता होना चाहिए कि उनके सुरक्षा चक्र में कौन शामिल है और किन बाहरी व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी है। 6 सालों का सफर: अब टीचर्स की बारी नवीन जैन ने बताया कि ‘स्पर्श’ प्रोग्राम पिछले 6 सालों से अनवरत चल रहा है। हमारा अगला लक्ष्य शिक्षकों (Teachers) को ट्रेंड करना है। यदि शिक्षक जागरूक होंगे, तो वे बच्चों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। झुंझुनूं को हम सुरक्षा और जागरूकता के मामले में पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बनाना चाहते हैं। स्कूल पहुंचने पर हुआ स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत में जब आईएएस नवीन जैन प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक गुलझारीलाल कालेर और निर्मल कालेर ने उनकी इस मुहिम की सराहना की।
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