मसाब टैंक के व्यस्त चौराहे पर नवनिर्मित ‘द बुर्ज’ क्लॉक टावर हैदराबाद की दक्कनी विरासत और आधुनिक स्थापत्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है. कुतुब शाही और आसफ जाही शैली से प्रेरित यह संरचना न केवल समय बताती है, बल्कि शहर के इतिहास, शिल्प और सांस्कृतिक पहचान को भी जीवंत करती है.
इसकी नक्काशी में इस्तेमाल किए गए पत्थर और कलाकृतियां दक्कन के पठार की समृद्ध विरासत को दर्शाती हैं. डेक्कन टेरेन हेरिटेज के विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के पुराने स्वरूप को आधुनिक हैदराबाद के प्रवेश द्वार पर फिर से जीवंत करना था.
इसे दूर से ही देखने योग्य बनाती है गुंबददार छत
टावर की ऊंचाई और इसकी गुंबददार छत इसे दूर से ही देखने योग्य बनाती है, इसमें लगे चार विशाल डायल घड़ियां चारों दिशाओं से समय दिखाती हैं. रात के समय इस टावर को विशेष वॉर्म लाइटिंग से सजाया गया है, जो इसकी पत्थर की नक्काशी को और भी उभार देती है. यह रात में सैलानियों के लिए एक नया फोटो पॉइंट बन गया है, जीएचएमसी (GHMC) ने टावर के चारों ओर लैंडस्केपिंग और पैदल चलने वालों के लिए प्लाज़ा विकसित किया है, ताकि ट्रैफिक के बीच यह एक शांतिपूर्ण कोना नज़र आए.
मसाब टैंक इलाका चारमीनार और हाई-टेक सिटी को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण जंक्शन है. इस नए लैंडमार्क के बनने से न केवल यातायात को एक दिशा मिली है, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह टावर केवल एक निर्माण नहीं है, बल्कि यह उन गुमनाम शिल्पकारों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने सदियों से दक्कन की पहचान को संजोकर रखा है. प्रशासन की योजना है कि शहर के अन्य महत्वपूर्ण चौराहों पर भी इसी तरह के सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना की जाए. यह कदम नई पीढ़ी को हैदराबाद के स्वर्णिम इतिहास से रूबरू कराने की एक सार्थक कोशिश मानी जा रही है.
About the Author
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.