दमोह के सर्किट हाउस पहाड़ी पर रविवार को टीम उम्मीद द्वारा लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान टीम के सदस्य उस समय हैरान रह गए, जब वीआईपी परिसर के अंदर सैकड़ों शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह शराब की बोतलें आखिर किसके द्वारा लाई गईं।
इसके बाद टीम द्वारा चारों ओर सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 15 बोरी कचरा एकत्रित किया गया। इस कचरे में शराब की बोतलों के अलावा कई नशीले पदार्थों के पैकेट और अन्य सामग्री भी शामिल थी। अभियान के दौरान नगर पालिका के ब्रांड एम्बेसडर हरीश पटेल अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।
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रविवार सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक यह अभियान चलाया गया। यह स्वच्छता अभियान का चौथा चरण था। इससे पहले के तीन अभियानों में लगभग 50 प्लास्टिक थैलियों के बराबर कचरा हटाया गया था और अब तक कुल मिलाकर 65 से अधिक प्लास्टिक थैलियों जितना कचरा साफ किया जा चुका है। इस रविवार भी टीम उम्मीद के सदस्य स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। इस क्षेत्र में सबसे अधिक शराब की बोतलें पाई गईं। पहाड़ी की सफाई करते समय टीम की नजर वीआईपी सर्किट हाउस परिसर के अंदर पड़ी, जहां कंपाउंड के भीतर भारी मात्रा में शराब की बोतलें पड़ी थीं। हालांकि, वहां आम नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण टीम उम्मीद ने उन बोतलों को बाहर नहीं निकाला।
दमोह के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर हरीश पटेल ने कहा कि पहाड़ी से लगातार नशीली सामग्री का निकलना चिंताजनक है। उन्होंने कलेक्टर से यहां विशेष निगरानी रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने माता-पिता से भी अपने बच्चों पर नजर रखने का आग्रह किया। निजी स्कूल संचालक गुलाम सर ने कहा कि टीम उम्मीद के साथ इस स्वच्छता अभियान में शामिल होकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यों में सभी को सहयोग करना चाहिए और वे आगे भी ऐसे अभियानों में भाग लेते रहेंगे। हरीश पटेल ने बताया कि अगली बार फिर सर्किट हाउस पहाड़ी पर ही स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रयास रहेगा कि अगले अभियान में पहाड़ी को पूरी तरह कचरा मुक्त किया जा सके।
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