हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रिंसिपल के 800 पदों पर डीपीसी के माध्यम से लेक्चरों और हेड मास्टरों को पदोन्नत करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले याचिकाकर्ता लेक्चरों को 23 दिसंबर तक पदोन्नत किया जाए। आदेशों की अनुपालन सरकार को 26 दिसंबर तक करनी होगी।
याचिकाकर्ता 1999 और 2000 से लेक्चरर के पद पर तैनात हैं। इनमें से कुछ दिसंबर 2025 और कुछ मार्च 2026 में बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि डीपीसी न होने की वजह से उन्हें 25 वर्षों के कार्यकाल के दौरान एक बार भी पदोन्नति नहीं मिली है। पिछले दो वर्षों से विभाग ने डीपीसी आयोजित नहीं की है, जिसकी वजह से उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान पदोन्नति और वित्तीय लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। नियमों के तहत साल में दो बार डीपीसी करवाना जरूरी है। प्रिंसिपल (स्कूल कैडर) के पद 50 फीसदी लेक्चरर और 50 फीसदी हेडमास्टर से पदोन्नति से भरे जाते हैं। वहीं, राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपलों के रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए देरी का कारण स्कूलों का युक्तिकरण बताया।
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