इस बारे में जहानाबाद के घोसी प्रखंड के किसान सिद्धनाथ कुमार ने लोकल 18 से कहा कि जिस प्रकार से अभी तापमान बढ़ा है उस हिसाब से गेहूं और आलू की खेती निश्चित तौर पर प्रभावित होने वाली है. खेती की लागत भी बढ़ जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़े हुए तापमान को नियंत्रित करने के लिए किसानों को….
आपको बता दें कि बिहार में 5-6 दिन से लगातार धूप निकल रही है. हालांकि, अगर ऐसा ही मौसम रहा तो किसानों को सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी. जहां सिंचाई का इंतजाम नहीं होगा वहां की फसल सूखकर बर्बाद हो जाएगा. दूसरा सिंचाई में किसानों का खर्च भी अधिक होगा.
किसान क्या करें उपाय
इस बारे में जहानाबाद के घोसी प्रखंड के किसान सिद्धनाथ कुमार ने लोकल 18 से कहा कि जिस प्रकार से अभी तापमान बढ़ा है उस हिसाब से गेहूं और आलू की खेती निश्चित तौर पर प्रभावित होने वाली है. खेती की लागत भी बढ़ जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़े हुए तापमान को नियंत्रित करने के लिए किसानों को अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ेगी. इससे खेत में नमी बनी रहेगी. पिछले कुछ सालों में शीतकालीन बारिश काफी कम हुई हैं, जिस कारण किसानों को भूमिगत जल का सहारा लेकर सिंचाई करनी पड़ी है. ऐसे में आप फसल की स्थिति को देखते हुए सिंचाई कर सकते हैं.
कितनी बार सिंचाई की जरूरत
उन्होंने कहा, “आम तौर पर किसानों को गेहूं के खेत में 3 से 4 बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है. कभी-कभी 5 बार भी सिंचाई करनी होती है. यह सब कुछ गेहूं के बीज पर निर्भर करता है. हालांकि, इस बार मौसम ने करवट ली है तो हम सभी किसानों को जरूरत से ज्यादा सिंचाई करनी पड़ेगी. ऐसा करने से लागत भी अधिक आएगी. किसान का मानना है कि एक कट्ठा में गेहूं की उपज 2 मन, डेढ़ मन से लेकर 1 मन तक होती है. अलग-अलग प्रकार के वैरायटी के बीज की उपज भी अलग-अलग होती है. किसानों को समय के साथ सिंचाई करनी होगी, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रहे और अच्छी उपज प्राप्त हो.
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जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें
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