हाथरस नगर पालिका परिषद ने मंडी समिति पर गृहकर व जलकर का 1.49 करोड़ रुपये का बकाया निकाला है, लेकिन इसकी अदायगी करने से मंडी प्रशासन ने साफ इंकार कर दिया है। लगातार हो रहे पत्राचार के क्रम में मंडी प्रशासन ने अब आवंटियों की सूची उपलब्ध कराकर गेंद नगर पालिका के खेमे में डाल दी है। अब नगर पालिका प्रशासन आढ़ती व अन्य आवंटियों पर कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
नए परिसीमन में कृषि उत्पादन मंडी समिति हाथरस भी नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हो गई है। पालिका ने वर्ष 2024-25 और 2025-2026 का मंडी पर कुल 1.49 करोड़ रुपये का बकाया निकाला है। पिछले वर्ष मार्च में मंडी प्रशासन ने 18,00,568 रुपये बतौर टैक्स पालिका में जमा कराए थे और मांग बिल में संशोधन की मांग की थी।
मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि जो भवन उनके उपयोग में आ रहे है, वे केवल उसी का किराया देंगे। इसके अतिरिक्त आवासीय भवन कर्मचारियों को और दुकानें व गोदाम व्यापारियों को आवंटित हैं। इसके अतिरिक्त चार एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम को 90 साल के पट्टे पर दी गई है, इसलिए इन जगहों का कर आवंटियों से ही वसूला जाए।
हम समय से मंडी को किराया देते हैं। साथ ही व्यापार पर डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क व सेस देते हैं, इसलिए मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है हमें सुविधा मुहैया कराने की। नगर पालिका की सेवाएं यहां व्यापारियों को नहीं मिल रही हैं। व्यापारियों पर टैक्स थोपना गलत है।-योगेश वार्ष्णेय, आढ़ती
मंडी में व्यापारियों को नगर पालिका परिषद की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही है। किराया व व्यापार कर हम लोग पहले ही दे रहे हैं। ऐसे में नगर पालिका का टैक्स व्यापारियों पर थोपना न्यायोचित नहीं है।-विनोद शर्मा, आढ़ती
मंडी प्रशासन ने आढ़तियों की सूची उपलब्ध करा दी है। इस संबंध में विधिक राय लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नगर पालिका के कोष में गृह व जलकर जमा होना चाहिए।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
जो जगह मंडी प्रशासन आवंटित कर चुका है, उस पर आवंटी ही पालिका के कर का भुगतान करेंगे। आवंटियों की सूची नगर पालिका को उपलब्ध करा दी गई है। हम समय से अपने प्रयोग में आ रहे परिसर का गृह व जलकर दे रहे हैं।-गौरव सिंह, मंडी सचिव
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.