राजस्थान पेंशनर्स समाज बाड़मेर के पेंशनरों को अस्पताल में आ रही समस्याओं को लेकर संगठन का एक शिष्टमंडल बुधवार को जिलाध्यक्ष डॉ. बी.डी. तातेड़ के नेतृत्व में राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर पहुंचा। शिष्टमंडल ने चिकित्सा अधीक्षक हनुमानराम चौधरी को 4 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संगठन के मीडिया प्रभारी पीराराम शर्मा ने बताया कि जिलाध्यक्ष डॉ. बी.डी. तातेड़ ने चिकित्सा अधीक्षक को बताया कि पेंशनरों के लिए बनाए गए पर्ची काउंटर नंबर 27 पर पंखा व कूलर की व्यवस्था नहीं होने से गर्मी के दिनों में पेंशनरों तथा वहां कार्यरत कर्मियों को परेशानी होती है। चिकित्सा अधीक्षक ने पंखा व कूलर लगाने के निर्देश दिए। मांग पत्र में बताया कि कई चिकित्सक ओपीडी पर्ची पर रोगी के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री, लैब रिपोर्ट तथा संक्षिप्त क्लिनिकल विवरण दर्ज नहीं करते, जिससे पेंशनरों को दवाइयां मिलने में परेशानी होती है। इसके अलावा कई बार पर्ची पर रोगियों के वाइटल्स व आवश्यक जांच विवरण भी अंकित नहीं किए जाते। पेंशनर्स ने यह भी बताया कि कुछ चिकित्सक दवाइयों के नाम स्पष्ट नहीं लिखते, जिससे जयपुर स्थित क्वैरी विभाग की ओर से पर्ची रिजेक्ट कर दी जाती है। कई चिकित्सक अपने स्पष्ट हस्ताक्षर, नाम, सील और आरएमसी नंबर भी अंकित नहीं करते, इससे पेंशनरों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। शिष्टमंडल ने यह भी बताया कि कुछ चिकित्सक मरीज को देखने के बाद पर्ची पर दवा स्वयं लिखने के बजाय अपने सहायक से लिखवाते हैं, जिसे आरजीएचएस में मान्य नहीं माना जाता। इसके अलावा कई बार डॉक्टर साल्ट नाम की जगह ब्रांड नाम लिख देते हैं, जबकि कई ब्रांड आरजीएचएस पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होते। शिष्टमंडल में जिलाध्यक्ष डॉ. बी.डी. तातेड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकरलाल मोदी, मंत्री बाबूलाल संखलेचा, पीराराम शर्मा, महेश जांगिड़, मांगीलाल गोठी, विमल जोशी, भागीरथ गुप्ता और रमेश शर्मा मौजूद रहे।
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