रंगोत्सव में दो दिन का समय बाकी है। लोग अभी से होली के रंगों में सराबोर नजर आने लगे हैं। बाजार में तरह-तरह के रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सजीं हैं। होली पर लोग अब प्राकृतिक रंगों को तरजीह दे रहे हैं लेकिन बाजार में केमिकलयुक्त कृत्रिम रंग भी बिक रहे हैं। ऐसे में होली पर त्वचा और आंखों के बचाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
चिकित्सक लोगों को रंगों के प्रयोग में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। अग्रवाल मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. यशपाल अग्रवाल के अनुसार, होली पर रंगों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए।केमिकलयुक्त रंगों से आंखों को नुकसान पहुंचने के अलावा त्वचा में जलन, रेशेस, दाने उभरना, चकत्ते पड़ सकते हैं।
जहां तक संभव है होली पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। आशीर्वाद अस्पताल लक्सर के निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि रसायनिक और केमिकल वाले रंग के आंखों में चले जाने से गंभीर नुकसान हो सकता है। होली खेलते समय आंखों के बचाव पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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