हिमाचल प्रदेश को भूकंपीय जोन छह में रखा गया है। इसी हिसाब से केंद्र हिमाचल को भी नए पैटर्न के तहत आर्थिक मदद दे। उन्होंने मांग की कि केंद्र हिम चंडीगढ़ समेत नए शहरों को बसाने के लिए भी पर्याप्त आर्थिक मदद जारी करे।
नई दिल्ली में शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने राजेश धर्माणी ने यह मामला उठाया। उन्होंने प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान को पांच साल की औसत निकालकर जारी करने का भी आग्रह किया। धर्माणी ने विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करते हुए कहा कि हाल ही में बीआईएस ने हिमाचल को सिस्मिक जोन छह में रखा है। इससे पूर्व राज्य जोन चार और पांच में था।
इस दृष्टि से हिमाचल में सभी निर्माण कार्यों को भूकंपरोधी तकनीक अपनाते हुए करना होगा। उन्होंने पहाड़ी राज्यों के लिए फंडिंग के नियम बदलने का आग्रह किया। जीएसटी संग्रहण में कमी का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए भी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
उन्होंने बीबीएमबी के प्रोजेक्टों में हिमाचल की हिस्सेदारी का मामला भी उठाया और पड़ोसी राज्यों से इसका बकाया दिलाने की मांग उठाई। साथ ही शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज अवधि खत्म होने पर हिमाचल को दिलाने का मामला भी उन्होंने उठाया। रेललाइनों व हवाईअड्डों की शत प्रतिशत लागत उठाने का आग्रह करते हुए उन्होंने आपदा से हुए नुकसान की भरपाई को लंबित मदद जारी करने को कहा। प्रदेश के अति दुर्गम इलाकों को मदद पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मदद जारी करने की मांग की।
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