हिमाचल के पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और PWD मिनिस्टर विक्रमादित्य सिंह आमने-सामने।
हिमाचल प्रदेश में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अफसरों के शासक बनने के बयान पर घमासान छिड़ गया है। विक्रमादित्य के बयान पर सुक्खू कैबिनेट के 2 मंत्री जगत नेगी और अनिरुद्ध सिंह असहमति जता चुके हैं। अनिरुद्ध और विक्रमादित्य की जुबानी जंग सियासी गलियारों म
हिमाचल की IAS-IPS एसोसिएशन ने भी विक्रमादित्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इस बीच, विक्रमादित्य सिंह ने भी सुक्खू के करीबी पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने अनिरुद्ध सिंह को NHAI अधिकारियों के साथ की मारपीट याद दिलाई। इससे सरकार की फूट खुलकर सामने आ गई है। अब सिलसिलेवार पढ़े, कैसे शुरू हुआ विवाद?
- विक्रमादित्य ने UP-बिहार के अधिकारियों को शासक न बनने की सलाह दी– 12 जनवरी को रात पौने 10 बजे मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाला। इसमें UP-बिहार के अफसरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने लिखा- हम उप मुख्यमंत्री हिमाचल के मंडी के अभिभाषण से सहमत है। कुछ यूपी-बिहार के आला IAS-IPS अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन अफसरों को हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है। समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है, नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएंगे। हम बाहर के राज्य के अधिकारियों का पूर्णत सम्मान करते हैं, पर उन्हें हिमाचली अधिकारियों से सीख लेने की आवश्यकता है। हिमाचल के हित के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक हिमाचल में हो, हिमाचल के लोगों की सेवा करो, शासक बनने की गलती न करें। विक्रमादित्य सिंह के इस पोस्ट के कारण पैदा हुआ विवाद
- जगत नेगी ने विक्रमादित्य के बयान पर असहमति जताई- 13 जनवरी को मीडिया के सवाल पर राजस्व मंत्री जगत नेगी ने विक्रमादित्य के बयान पर असहमति जताई। उन्होंने कहा- वह विक्रमादित्य सिंह के बयान से इत्तफाक नहीं रखते। बाहर के प्रदेशों के बहुत सारे अफसर अच्छा काम भी कर रहे हैं। गुण-दोष दोनों तरफ होता है। उन्होंने कहा-स्पेसिफिक होना चाहिए कि कौन ठीक नहीं है। जनरल स्टेटमेंट देने से काम नहीं चलता। इससे जो अच्छा काम कर रहे हैं, वह भी हतोत्साहित होते है।
- अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया- 14 जनवरी को मीडिया के सवाल पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य सिंह बयान को दुर्भाग्यपूर्ण कहा और तीखे जुबानी हमले किए। उन्होंने कहा- यह बहस नहीं होनी चाहिए कि अधिकारी किस राज्य से हैं, क्योंकि हिमाचल के IAS अधिकारी भी देश के दूसरे राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। अगर कोई मंत्री काम नहीं करवा पा रहा है, तो यह उसकी कार्यशैली की कमी हो सकती है। इसमें फंड की उपलब्धता या उसके सही आवंटन का भी मुद्दा हो सकता है, लेकिन हर अधिकारियों के सिर पर जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है। अपनी गलती दूसरों पर डालने से सिस्टम मजबूत नहीं होता।
- विक्रमादित्य ने अनिरुद्ध को NHAI अधिकारियों से मारपीट याद दिलाई-14 जनवरी एक टीवी पॉड-कॉस्ट में विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री अनिरुद्ध पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- वह अधिकारियों का मान-सम्मान करते हैं। मगर वह ऐसा मान सम्मान नहीं करते, जैसे NHAI के घायल अधिकारियों का हुआ था। बीते साल अनिरुद्ध सिंह पर शिमला में NHAI अधिकारियों से मारपीट को लेकर FIR हुई थी। उन पर NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर और एक अन्य कर्मचारी को पीटने के आरोप लगे थे। अधिकारी लहू-लुहान होकर मौके से भागे थे।
- IAS-IPS एसोसिएशन ने विक्रमादित्य के बयान की निंदा की- 14 जनवरी को IAS-IPS ऑफिसर एसोसिएशन की अलग अलग मीटिंग हुई। इसमें मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान की निंदा की गई। IPS ऑफिसर एसोसिएशन ने विक्रमादित्य के साथ ड्यूटी नहीं लगाने की सरकार से मांग की और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति रोकने की मांग की। दोनों एसोसिएशन ने मंत्री के बयान को विभाजनकारी और प्रशासनिक रूप से नुकसानदेह बताया है।
हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री।
मंडी रैली में डिप्टी सीएम ने भी अफसरशाही पर बोला था हमला
विक्रमादित्य सिंह ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के मंडी रैली में 12 दिसंबर 2025 को दिए बयान का समर्थन किया था। दरअसल, अग्निहोत्री ने भी अफसरशाही को मंडी रैली में चेतावनी दी थी। उन्होंने सीएम सुक्खू की तरफ इशारा करते हुए कहा-

अफसरशाही से रात के अंधेरे में निपट होगा। प्रदेश में कांग्रेस सरकार होते हुए कुछ अफसर भाजपा नेताओं के घरों में हाजरियां भर रहे हैं। सुक्खू जी, ऐसे काम नहीं चलेगा, दोनों हाथों में डंडा उठाओं, अफसरों पर लगाम कसो, टाइम आ गया है। कोई हमे कुचलने की कोशिश करेगा तो हम उसे नेस्तनाबूद कर देंगे।

पूर्व CPS नीरज भी अफसरशाही के विरोध में उतरे
पूर्व CPS नीरज भारती ने भी बाहरी राज्यों के अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर क्या लिखा-

भवानी पठानिया जंग में कूदे
इस बीच कांग्रेस के मंत्री भवानी पठानिया भी देर रात इस जंग में कूद गए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा-
खाकी संग खाकी मिले, कोट को नित टाई का साथ. कुर्ता होवै तार तार सदा, दूजे कुर्ते वाले के हाथ

मतलब वर्दीधारी लोग आपस में एकजुट रहते हैं और एक-दूसरे का साथ देते हैं। अफसर भी हमेशा अफसर का ही साथ देता है। नेता या आम आदमी ही हमेशा फंसता है, उसकी हालत खराब होती है। राजनीति में नेता ही नेता एक-दूसरे को ही नुकसान पहुंचाते हैं।

भवानी पठानिया का सोशल मीडिया पोस्ट।
मंत्री खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाल रहे
सीएम सुक्खू के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। मीडिया के सवाल पर मंत्री खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाल रहे हैं। इससे कांग्रेस में अंदरूनी फूट बढ़ती जा रही है। राजनीति के जानकारों की माने तो इसके दूरगामी परिणाम कांग्रेस सरकार के लिए अच्छे नहीं होंगे। मंत्रियों में टकराव बढ़ता जाएगा।

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