हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोध ने ग्राम पंचायत व्यवस्था की कमजोरियों का खुलासा किया है। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स पर आधारित इस अध्ययन के अनुसार प्रदेश की अधिकांश ग्राम पंचायतें प्रभावी शासन, योजना निर्माण और संसाधन प्रबंधन के बुनियादी मानकों पर कमजोर बनी हुई हैं। 75 फीसदी ग्राम पंचायतें विकास की मुख्यधारा से पीछे हैं। अध्ययन में कुल 3,615 ग्राम पंचायतों में से 3,328 के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया। शोध के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत पंचायतें ‘एस्पिरेंट यानी सी श्रेणी में दर्ज की गई हैं, जबकि राज्य की एक भी ग्राम पंचायत सर्वोच्च अचीवर यानी ए प्लस श्रेणी में स्थान नहीं बना सकीं।
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