हिमाचल सरकार ने रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशो से संबंधित नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने 6 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) नियम, 2026 का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। इस पर आम जनता से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। ड्राफ्ट नियमों के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं में अतिरिक्त निर्माण के लिए प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो लेने पर निर्धारित शुल्क देना होगा। प्रस्तावित शुल्क दरें इस प्रकार तय की गई हैं।
यह हैं प्रस्तावित दरें
0 से 0.25 प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो पर 30,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र
0.25 से 0.50 प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो पर 50,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र
0.50 से 0.75 प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो पर 70,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान उन रियल एस्टेट परियोजनाओं पर लागू नहीं होगा जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है। आंशिक रूप से पूर्ण या निर्माणाधीन परियोजनाओं में भी जिन ब्लॉकों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, जिन हिस्सों में निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो लेने की अनुमति दी जाएगी। नई या प्रस्तावित परियोजनाओं में डेवलपर्स को प्रारंभिक विकास अनुमति के साथ अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो खरीदने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, कुल निर्माण सीमा बेस फ्लोर एरिया रेशियो और प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो को जोड़कर तय अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो अधिकार नहीं बल्कि एक सुविधा है और इसका उपयोग अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए नहीं किया जा सकेगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.