रिहायशी मकान में चोरी के मामले में मां की एक कॉल ने बेटे को पहले हवालात पहुंचाया, अब न्यायालय ने आकाश को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने दोषी को 10 हजार जुर्माना भी लगाया है। जांच में खुलासा हुआ कि चोरी किए गए मोबाइल से दोषी की मां ने अपने एक परिचित को कॉल की थी। इसी कॉल को आधार बनाकर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
मामला 13 मार्च 2018 को नाहन थाना में पंजीकृत हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 12 मार्च की रात एक दंपती मंदिर में दर्शन के लिए गया था। इसी दौरान उनके घर से 4.280 ग्राम की एक सोने की अंगूठी, एक हीरे की अंगूठी, 5.600 ग्राम की एक जोड़ी झुमके, एक चांदी का आभूषण, 4,500 रुपये सहित 2 मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। जांच के दौरान चोरी किया मोबाइल ट्रैक होने पर आरोपी तक पहुंची पुलिस ने उसके पास से मोबाइल बरामद किया। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर देहरादून और सहारनपुर के ज्वैलर्स से चोरी किए आभूषण भी बरामद किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने साक्ष्यों और बरामदगी को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। मामले ने यह साबित कर दिया कि अपराध कितना भी छिपा क्यों न हो, छोटी-सी चूक भी अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है।
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