हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी गांव में इंटरनेट सुविधाओं को मुहिया करवाने पर संज्ञान लेते हुए कनेक्टिविटी को शीघ्रता से बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है। अदालत ने सेवा प्रदाताओं की ओर से राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। उत्तरदाताओं ने अदालत को बताया कि इस संबंध में हिमाचल प्रदेश की राज्य ब्रॉडबैंड समिति (एसबीसी ) की बैठक 12 जून 2025 को हुई थी। आगे की प्रगति की समीक्षा के लिए एक नई बैठक बुलाई जानी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने आगामी होने वाली बैठक के लिए कोर्ट से एक न्याय मित्र नियुक्त किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।
प्रतिवादी रिलायंस जियो की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि प्रदेश में 1676 साइटों की संभावना है, जिनमें से 1609 साइटें सेवा के लिए तैयार हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 67 और साइटें जोड़ने की योजना है। ऑपरेटर ने अब तक 3488 संख्या में 4-जी साइटें और 1609 संख्या में 5-जी साइटें स्थापित की हैं। दूसरी ओर बीएसएनएल की ओर से दायर हलफनामे से पता चला कि कुल 1115 गांवों में से 835 गांवों तक सफलतापूर्वक 4-जी कवरेज का विस्तार किया गया है। यह संख्या पिछले आदेश में दर्ज 773 गांवों से अधिक है।