हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ धोखा है और इसमें पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक तथा आर्थिक परिस्थितियों की अनदेखी की गई है। 38 हजार करोड़ का घाटा अनुदान में मिला उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-22 से 2025-26) के दौरान हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 38 हजार करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुदान मिला था। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण सहायता को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जबकि राज्य को उम्मीद थी कि उसकी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को देखते हुए इस अनुदान में वृद्धि की जाएगी। वित्तीय संतुलन के समक्ष गंभीर चुनौतियां अग्निहोत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को मिलने वाले विशेष अनुदानों को समाप्त करने से विकास कार्य प्रभावित होंगे। इससे जनहित से जुड़ी योजनाओं और वित्तीय संतुलन के समक्ष गंभीर चुनौतियां पैदा होंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और हिमाचल प्रदेश को उसकी संवैधानिक आवश्यकताओं के अनुरूप बजटीय सहयोग देने की मांग की। गुरू रविदास जयंती कार्यक्रम में हुए शामिल इस बीच, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हरोली विधानसभा क्षेत्र के गोंदपुर, दुलैहड़, बीटन, बाथड़ी, बालीवाल, ललड़ी, भदसाली और सलोह गांवों में गुरु रविदास जयंती पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने मंदिरों में माथा टेका और प्रबंधक समितियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास का जीवन समाज में समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देता है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान कर रहे हैं। गुरु रविदास ने बिना किसी भेदभाव के मानवता, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। रक्तदान शिविर में लिया भाग इससे पहले डिप्टी सीएम ने टाहलीवाल में स्वर्गीय कंवर हरि सिंह की 87वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। यह शिविर प्रेस क्लब हरोली, ओद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल और बीडीसी ब्लड सेंटर नवाशहर, पंजाब के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा को समर्पित जीवन जीने वाले हिमोत्कर्ष परिषद के संस्थापक एवं महान समाजसेवी स्वर्गीय कंवर हरि सिंह ने सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय काम किया है । उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और रक्त का कोई विकल्प नहीं होता। समय पर उपलब्ध रक्त अनेक जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.