जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी में एक कैफे पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। पानी को ठोस बर्फ में तब्दील कर तैयार किया कैफे न केवल संरचना बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी आकर्षण का केंद्र बना है। काजा से करीब 15 किलोमीटर दूर लिंगटी गांव में स्थित आइस कैफे स्थानीय पर्यटन कारोबारी छेरिंग लोबदे की कड़ी मेहनत और रचनात्मक सोच का परिणाम है।
कैफे को पूरी तरह से ठोस बर्फ से तैयार किया है। कैफे के पास बर्फ में तब्दील हुए झरने भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। दिन के समय जहां बाहर का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस रहता है, वहीं आइस कैफे के भीतर तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। चारों ओर जमी सफेद बर्फ, चमकते बर्फीले ढांचे और सर्द हवा के बीच चाय और कॉफी का स्वाद पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव करवा रहा है।
कैफे में रोजाना सैकड़ों पर्यटक यहां की अनोखी बनावट और बर्फीले झरनों को मोबाइल के कैमरों में कैद कर रहे हैं। यही कारण है कि यह आइस कैफे इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पर्यटकों द्वारा साझा की जा रही तस्वीरों और वीडियो से स्पीति घाटी की खूबसूरती देश-दुनिया तक पहुंच रही है। एडीसी काजा शिखा का कहना है कि छेरिंग लोबदे की यह पहल स्पीति घाटी को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिला रही है। यह प्रयोग घाटी के पर्यटन को मजबूती देगा और स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा।
पर्यटन कारोबारी छेरिंग लोबदे का कहना है कि रोमांच, सुकून और कुछ अलग अनुभव की तलाश में आने वाले पर्यटकों के लिए स्पीति का आइस कैफे अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।
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