हाई सिक्योरिटी जेल में तलाशी के दौरान बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट के तहत जेल से गिरफ्तार कर सिविल लाइंस थाना पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। इससे पहले इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छापेमारी में मिली थे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट
सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि 11 दिसंबर को प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीम ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में विशेष तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक वार्ड में बंद हार्डकोर कैदियों के पास से दो स्मार्ट वॉच, सिम कार्ड और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए गए थे। जेल जैसी अत्यधिक सुरक्षित जगह में यह उपकरण मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
मामले में 5 अन्य आरोपी गिरफ्तार
इस गंभीर मामले में सिविल लाइंस थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले चरण में हार्डकोर बंदी पंजाब निवासी सचिन उर्फ संदीप थापन (31), चूरू निवासी दिनेश डागर (35) और सीकर निवासी गुलजारी (36) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अब इस नेटवर्क से जुड़े पांच और आरोपियों को चिह्नित किया।
रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं आरोपी
थाना प्रभारी ने बताया कि प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील, पिंटू, अभिषेक, सुमित और रामवीर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। आशंका है कि जेल के भीतर से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा था।
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पूछताछ जारी
पुलिस इन पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैजेट्स जेल में कैसे पहुंचे, क्या जेल स्टाफ की कोई संलिप्तता है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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