आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा शहर के प्रमुख रेस्तरां मेंगो मसाला पर की जा रही सर्वे कार्रवाई सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अब तक की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रेस्तरां क्लाउड आधारित ‘पेटपूजा’ एप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक आय छिपा रहा था। सर्वे में अब तक करीब 15 करोड़ रुपए का टर्नओवर छिपाने का मामला सामने आया है। जांच में यह भी सामने आया है कि शहर के कई रेस्तरां आय छिपाने के लिए इसी एप का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसका डेटा आयकर विभाग के पास मौजूद है। सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट शैफाली सिंह के अनुसार पेटपूजा एप में दो तरह की बिक्री का रिकॉर्ड रखने की सुविधा होती है-एक औपचारिक सेल और दूसरी काली कमाई की सेल। रेस्तरां संचालक अक्सर उन बिलों को औपचारिक रिकॉर्ड से अलग रखते हैं जिनका भुगतान नकद में किया जाता है। इस फीचर का उपयोग करने पर उस बिक्री का रिकॉर्ड कंपनी के अंतिम बहीखातों में शामिल नहीं होता। इसकी जानकारी केवल एक विशेष पासवर्ड के जरिए निकाली जा सकती है। यह पासवर्ड प्लेटफॉर्म का लाइसेंस खरीदने वाले रेस्तरां संचालक को दिया जाता है। इससे संचालक वास्तविक टर्नओवर और आय छिपाकर उसका अलग रिकॉर्ड रख सकते हैं। इसके लिए केवल एक लैपटॉप और इंटरनेट की जरूरत होती है। जिस रेस्तरां में सर्वे कार्रवाई की गई है।
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