छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला ब्लॉक में हाथियों के एक झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। साजापानी, काशीपानी, लबेद और छातापाठ वन क्षेत्रों में लगभग 15 हाथियों का झुंड, जिसमें बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, गांवों के पास जंगल में विचरण कर रहा है। इस सूचना के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग को हाथियों के गांवों के करीब आने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाथी गांव की ओर न बढ़ें और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
लगातार हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। विभाग की टीम कोटवारों के साथ मिलकर गांव-गांव मुनादी कर ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दे रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर अनावश्यक रूप से न जाएं। विशेषकर, रात के समय अकेले खेत या जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों को हाथियों को देखने या उनके पास जाने की कोशिश न करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी हाथी की गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने का आग्रह किया गया है। वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि हाथियों के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने कई किसानों की फसलों को भी चौपट कर दिया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वर्तमान में, ग्रामीण धान कटाई के लिए खेतों में जा रहे हैं और कुछ किसान अपनी उपज मंडी में बेचने की तैयारी में हैं। हालांकि, हाथियों के आने की सूचना के बाद, जंगल से लगे खेतों में धान काटने से ग्रामीण कतरा रहे हैं और सावधानी बरत रहे हैं।
ड्रोन से निगरानी
वन विभाग हाथियों के झुंड पर ड्रोन कैमरे की मदद से भी लगातार नजर रख रहा है, ताकि उनकी दिशा का पता लगाया जा सके। जब हाथी गांव के करीब आते हैं, तो उन्हें रेस्क्यू कर वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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