भारी बर्फबारी-बारिश के चलते पांच नेशनल हाईवे समेत प्रदेश में 563 सड़कें बंद हो गई हैं। अपर शिमला समेत प्रदेश के कई इलाके कट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए हैं। कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 को किया रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में बिजली नहीं है। बारिश-बर्फबारी से फसलों को संजीवनी के साथ पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद है। शुक्रवार को भी शिमला-मनाली में पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच मस्ती की। उधर, मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मनाली विंटर कार्निवल के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
खराब मौसम के चलते शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द रहीं। कालका-शिमला ट्रैक पर पेड़ गिरने से तीन से चार घंटे तक ट्रेनें बाधित रहीं। चौहार घाटी व छोटा भंगाल के सभी गांवों में दो से 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकार्ड की गई है। चंबा जिले के पांगी की ऊपरी चोटियों में शुक्रवार को एक से डेढ़ फीट और निचले क्षेत्रों में 25.4 सेंटीमीटर हिमपात हुआ। तेज हवाएं चलने से भरमौर की गाण, सुनारा और छतराड़ी पंचायतों में 12 मकानों की छतें उड़ गईं। लाहौल का संपर्क कुल्लू से कट गया है। लाहौल में 200 से अधिक से सड़कें और 85 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हैं। कमरूघाटी में अंधड़ से कई घरों की छतें उड़ गईं। कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और मंडी समेत प्रदेश भर में बारिश हुई है।
शिमला समेत विभिन्न स्थानों पर प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनरी तैनात कर दी है। लोक निर्माण विभाग और विद्युत बोर्ड की टीमें सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति सुचारु करने में जुटी हैं। लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की अपील की गई है।
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