किसानों के मुद्दे पर बालोद कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कांग्रेस विधायकों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जिले के तीनों विधायकों व पूर्व विधायकों ने धान खरीदी और रकबा कटौती को लेकर कलेक्टर चैंबर का घेराव किया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
किसानों को प्रताड़ित करने का आरोप
पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा ने कलेक्टर के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रशासन मनमाने ढंग से किसानों के घर घुस रहा है और डरा-धमकाकर रकबा समर्पण करवा रहा है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर का गंभीर समस्या पर हंसकर बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मंत्री व विधायक अनिला भेड़िया ने भी सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरदावरी के नाम पर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जब एक जनप्रतिनिधि का रकबा काटा जा रहा है, तो आम किसान का क्या हाल होगा। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यदि सरकार के पास संसाधन नहीं हैं, तो वह स्पष्ट कर दे कि उसकी धान खरीदने की औकात नहीं है।
प्रशासन का तर्क और कांग्रेस की मांग
मामले में कलेक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन केवल शासन के निर्देशों का पालन कर रहा है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जिले में अभी 38,719 किसानों का धान विक्रय शेष है। प्रशासन का कहना है कि धान का भौतिक सत्यापन पारदर्शिता लाने के लिए किया जा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि धान खरीदी समाप्त होने में केवल 11 दिन बचे हैं। ऐसे में किसानों पर दबाव बनाकर रकबा कम करना गलत है। उन्होंने मांग की कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाए और दादागिरी बंद की जाए। इस दौरान विधायक अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, कुंवर सिंह निषाद, पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा और जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
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