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Health News : जोधपुर में बदलते मौसम और बढ़ते स्क्रीन टाइम का असर अब आंखों की सेहत पर दिखने लगा है. मथुरादास माथुर अस्पताल की आई ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 300 से 350 तक पहुंच गई है. डॉक्टरों ने सतर्क रहने और 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह दी है.
मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर अरविंद चौहान ने बताया कि यह सर्दी और गर्मी के बीच का फेज है. इसके चलते आंखों में सूखापन, इन्फेक्शन और एलर्जी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इसी वजह से ओपीडी में मरीजों की संख्या आम दिनों से अधिक हो गई है. उन्होंने बताया कि इसमें वे मरीज भी शामिल हैं जो मोबाइल या कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताते हैं. ऐसे लोगों के चश्मे के नंबर भी बढ़ रहे हैं और आंखों से संबंधित समस्याएं भी सामने आ रही हैं. वहीं इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं होने के चलते विद्यार्थी भी घंटों पढ़ाई करते हैं या स्क्रीन का अधिक उपयोग करते हैं, जिसकी वजह से वे भी आंखों से जुड़ी शिकायत लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं.
डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टर चौहान ने लोगों से अपील की कि आंखों की सेहत को लेकर जरा भी लापरवाही न बरतें. बदलते मौसम और बढ़ते स्क्रीन टाइम के बीच सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. उन्होंने कहा कि आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. इन्फेक्शन या एलर्जी होने पर घबराने की जरूरत नहीं है, समय पर इलाज लेने से राहत मिलती है. साथ ही धूल और प्रदूषण वाली जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि कई बार आंखों में धूल और मिट्टी जाने से भी समस्याएं बढ़ जाती हैं.
बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रीन पर लगातार काम करने वालों को 20-20-20 नियम अपनाना चाहिए. यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखना चाहिए ताकि आंखों को आराम मिल सके. इसके अलावा पर्याप्त नींद लें, आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें और समय-समय पर आंखों की जांच करवाना भी जरूरी है ताकि समस्या बढ़ने से पहले उसका समाधान किया जा सके.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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