हजारीबाग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग (सेक्स्टॉर्शन) में संलिप्त था। इस कार्रवाई में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से चार साइबर अपराधियो
पुलिस अधीक्षक हजारीबाग अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सक्रिय गिरोह फर्जी वेबसाइटों और मोबाइल नंबरों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को एस्कॉर्ट सर्विस का झांसा दे रहा है। इसके बाद यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से ठगी की जा रही थी। पीड़ितों को निजी बातचीत और आपत्तिजनक सामग्री के आधार पर ब्लैकमेल भी किया जाता था।
एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया
सूचना के आधार पर 25 दिसंबर को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत नूतन नगर के पास छापेमारी की। इस दौरान चार युवक मोबाइल फोन के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
पुलिस को देखते ही चारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम विवेक कुमार, बादल मंडल, दीपक मंडल और शेखर कुमार बताया। ये सभी हजारीबाग जिले के निवासी हैं और इनकी उम्र 21 से 25 वर्ष के बीच है।
तलाशी के दौरान उनके पास से कई मोबाइल फोन, विभिन्न सिम कार्ड, अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और साइबर ठगी में प्रयुक्त अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी उपकरण ठगी और ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
इस संबंध में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 207/25 दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क का भी खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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