हजारीबाग जिले की चरही घाटी में शनिवार देर शाम भीषण सड़क हादसे में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के दो सदस्यों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब टीम चरही और आंगो थाना क्षेत्र में उत्पात मचा रहे जंगली हाथियों को खदेड़ने के लिए जा रही थी। रास्ते में उनकी गाड़ी की टक्कर एक तेज रफ्तार कंटेनर से हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्यूआरटी का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घाटी क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी पिंटू कर्मकार और स्थानीय चालक शहादत अंसारी के रूप में हुई है। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में इलाज जानकारी के अनुसार, वन विभाग रामगढ़ के अनुरोध पर पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले से नौ सदस्यीय क्यूआरटी टीम हजारीबाग पहुंची थी। टीम को चरही क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते उपद्रव को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हादसे के बाद सभी घायलों और मृतकों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग लाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घायलों में दिलीप मुर्मू, राजीव कालाणी, मंटू महतो, रूबीन मंडी, सिमोन मोदी, शंभू कर्मकार, संजय कर्मकार और पवन कर्मकार शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल अस्पताल पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। 48 घंटे में सात मौतों के बीच हादसे से विभाग स्तब्ध डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग इस हादसे से स्तब्ध है। उन्होंने बताया कि टीम संवेदनशील हालात में हाथियों को खदेड़ने के मिशन पर निकली थी। उल्लेखनीय है कि हजारीबाग जिला इन दिनों हाथियों के बढ़ते उपद्रव से जूझ रहा है। पिछले 48 घंटों में हाथियों के हमले में सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। ऐसे हालात में राहत और बचाव कार्य में जुटी टीम के साथ हुई दुर्घटना ने वन विभाग और प्रशासन को झकझोर दिया है। पुलिस ने कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
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