हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर शुक्रवार को पलवल की केसी वाटिका में आयोजित संयुक्त कन्वेंशन में शिक्षकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे 5 से 9 जनवरी तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, अपनी मांगों के समर्थन में 5 फरवरी को दिल्ली कूच किया जाएगा। कन्वेंशन में शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की नीतियों और कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उनका कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित पर सरकार इसपर ध्यान नहीं दे रही है। शिक्षा व्यवस्था सुधारने का दाव तो सरकार करती है, लेकिन इसको लेकर केवल वादे और आश्वासनों तक सीमित है। जानिए शिक्षकों की क्या हैं प्रमुख मांगें और मुद्दे संगठन और नेतृत्व कन्वेंशन की अध्यक्षता थान सिंह और मुकेश गर्ग ने की। राज्य प्रधान ने ‘स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के आह्वान पर जिला स्तरीय प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की। सर्व कर्मचारी संघ के राम आसरे ने संगठन में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि प्रभु सिंह ने पेंशन प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन पर विचार रखे। इन नेताओं ने भी भरी हुंकार इस अवसर पर पूर्व शिक्षक नेता हरिचंद वर्मा, राज्य सचिव राकेश शर्मा, हरेंद्र देशवाल, योगेश शर्मा, रवींद्र दीक्षित और जमील अहमद सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और कौशल विभाग के कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की।
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