हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य मीटिंग में हिस्सा लेते हुए। फाइल फोटो
हरियाणा राज्य बाल अधिकारी संरक्षण आयोग नए सदस्याें की नियुक्ति करेगा। हालांकि पूर्व में कार्यरत सदस्यों के कार्यकाल को 2 साल ही पूरे हुए हैं। आयोग के द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 9 मार्च तक इन पदों के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) के सदस्य के लिए ऐसे व्यक्ति पात्र हैं जो बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, या बाल मजदूरी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता और न्यूनतम 7 वर्षों का अनुभव रखते हों। उम्र 35 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उम्मीदवार बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। सदस्य का कार्यकाल 3 वर्ष (या 60 वर्ष की आयु तक) होता है। आयोग में कम से कम दो महिला सदस्य होना आवश्यक है।
हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा मांगे गए आवेदन।
5 पाइंट में मुख्य योग्यताएं और अनुभव :
- अनुभव: शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल देखभाल, बाल विकास, किशोर न्याय (Juvenile Justice), या बाल मजदूरी उन्मूलन के क्षेत्र में कम से कम 7 साल का कार्य अनुभव।
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: बाल मनोविज्ञान (Child Psychology), मनोरोग (Psychiatry), समाजशास्त्र (Sociology), बाल कल्याण या कानून (Law) में डिग्री।
- अन्य क्षेत्र: बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत NGO या सरकारी विभागों/बोर्डों में 5 साल का अनुभव (पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ)।
- आयु: आवेदन की तिथि पर न्यूनतम 35 वर्ष।
- अयोग्यता: यदि किसी का बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित कोई पिछला रिकॉर्ड है, तो वह पात्र नहीं होगा।
वर्तमान में ये हैं आयोग के सदस्य..
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य मीना कुमारी, सुमन राणा, अनिल कुमार, गणेश कुमार, मांगे राम, और श्याम शुक्ला अभी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं आयोग की अध्यक्षता प्रवीन जोशी कर रही हैं। जिन्होंने फरवरी 2024 में अपना कार्यभार ग्रहण किया था।
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