Uttarakhand Weather Live: उत्तराखंड में मौसम ने फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली समेत 6 जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. हरिद्वार और तराई क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हो सकती है. तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ेगी. किसानों को बारिश से लाभ मिलेगा, जबकि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है.
मौसम विज्ञान केंद्र ने अपने पूर्वानुमान में राज्य के 6 जिलों को विशेष श्रेणी में रखा है. देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़. विभाग के अनुसार, इन जनपदों में कुछ स्थानों पर “हल्की से मध्यम वर्षा” हो सकती है. इन जिलों में जो क्षेत्र समुद्र तल से 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर हैं, वहां बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है. मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी इस लिस्ट में ‘देहरादून’ भी शामिल है. चकराता और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों में मौसम तेजी से बिगड़ेगा और पर्यटकों की आमद बढ़ सकती है. राजधानी देहरादून में अच्छी बारिश होने के आसार हैं जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी.
हरिद्वार और शेष जनपदों जैसे नैनीताल, उधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा और चंपावत में ताजा अपडेट के अनुसार कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना बताई गई है. हरिद्वार में अब मौसम केवल ‘बादलों वाला’ नहीं रहेगा बल्कि गंगा तट और आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी, हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. कल तक हरिद्वार में शुष्क मौसम का अनुमान था वहीं आज के अपडेट के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच चुका है. 3000 मीटर से ऊपर वाले शेष इलाकों जैसे नैनीताल, टिहरी आदि क्षेत्रों में भी बर्फ बारी हो सकती है.
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में बारिश और बर्फबारी का सीधा असर चार धाम यात्रा के मार्गों पर देखने को मिलेगा. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहले से ही शीतकाल के लिए बंद हैं लेकिन इन इलाकों में हो रही बर्फबारी से निचले इलाकों में हाड़ कंपाने वाली ठंड बढ़ जाएगी जो स्थानीय लोग या मजदूरों के लिए यह समय कठिन हो सकता है. हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसानों के लिए यह हल्की वर्षा किसी वरदान से कम नहीं है. गेहूं और सरसों की फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत थी.
देहरादून और नैनीताल में बारिश, बर्फबारी की संभावना को देखते हुए वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ सकती है. इससे मसूरी-देहरादून रोड या नैनीताल रोड पर जाम की स्थिति बन सकती है. हरिद्वार में हल्की बारिश होने से हर की पैड़ी पर फर्श ठंडा और फिसलन भरा हो सकता है. बुजुर्ग श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी. बारिश के बाद चलने वाली शीतलहर वायरल बुखार और निमोनिया आदि का कारण बन सकती है. बच्चों को स्कूल भेजते समय गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखें. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है जो हिमालयी क्षेत्र से टकरा रहा है. इसकी वजह से हवाओं का रुख बदला है और नमी वाली हवाएं पहाड़ों से टकराकर बारिश और बर्फबारी कर रही हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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