मृत श्रमिक के आश्रितों को सरकार की ओर से दिए जाने वाली योजना में गड़बड़झाला सामने आया है। इसमें जिंदा लोगों को मृतक बताकर दो-दो लाख रुपये हड़प लिए गए हैं। ये सारा खेल श्रम विभाग के अधिकारियों और सेंटरों की मिलीभगत से होना बताया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े पर उप श्रमायुक्त ने जांच बैठा दी है।
उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के मृत्योपरांत आश्रितों को सरकार की ओर से सहायता राशि के रूप में दो-दो लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए श्रमिक के परिजनों की ओर से श्रमिक सुविधा केंद्रों से आवेदन किया जाता है। यह आवेदन श्रम प्रवर्तन अधिकारी/पंजीकरण अधिकारी के पास जाता है। जो अनुमोदन कर डीबीटी अधिकारी को भेजते हैं। वहां से धनराशि आश्रित के बैंक खाते में पहुंचती है।
इसी दौरान पंजीकृत श्रमिकों को फर्जी ढंग से मृतक दर्शाकर दो-दो लाख रुपये निकाल लिए गए। अधिकांश फर्जीवाड़ा ब्लॉक बहादराबाद में होना बताया जा रहा है। फर्जीवाड़े कर श्रमिक के खाते में पहुंची रकम निकालकर दलालों और अधिकारियों को भी दी जा रही है। इससे जिस आश्रित के बैंक खाते में पैसा पहुंच रहा है उसे महज 70 से एक लाख रुपये मिल रहे हैं। बाकी धन का बंटरबांट हो रहा है।
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