फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के समय बड़कुल्लों, काजू, बादाम, किशमिश, नारियल आदि की माला बनाकर डालने की परंपरा काफी पुरानी बताई जाती है. इसके अलावा होलिका दहन की आग में गन्ने को सेक कर (गर्म करके) खाने की मान्यता भी बताई गई है. होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.
होलिका दहन की आग पवित्र
होलिका दहन की आग पवित्र बताई जाती है जिसमें गन्ना डालकर खाने से कई तरह की बीमारियां जड़ से खत्म होने की मान्यता है. फाल्गुन मास के बाद ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है इसलिए कुछ लोग गेहूं की बालियां, काजू, बादाम, किसमिस, नारियल के गोले की माला बनाकर भी डालते हैं. होली की आग में गन्ना गर्म करके खाने से कई बीमारियां खत्म होने की धार्मिक मान्यता है. होली की आग पवित्र होती है जिसमें गन्ने को गर्म करके खाने पर घरों में सुख शांति और शरीर के सभी रोग खत्म हो जाते हैं.
होली पर गन्ना गर्म करके खाने की प्रथा
इन सभी सवालों को लेकर हमने पंडित श्रीधर शास्त्री से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि होली पर गन्ना गर्म करके खाने की प्रथा काफी पुरानी है. होली की आग में गन्ना गर्म करके खाने से कई लाभ होते हैं. होली पर गन्ना गर्म करके खाने से शरीर के अंदर उत्पन्न होने वाले कई रोग खत्म हो जाते है जैसे कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है. ऐसा करने से शुगर जैसी गंभीर बीमारियां खत्म हो जाती हैं. गन्ना ऋतु फल है और होली पर ऋतु फल डालने की परंपरा काफी पुरानी है.
क्या हैं फायदे
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि होली की आग को स्पर्श करने वाला गन्ना खाने पर कोई नुकसान या कोई बीमारी नहीं होती बल्कि शरीर में कई फायदे होते हैं. होली की आग में गन्ना गर्म खाने से आहार नली का साफ रहना, आयरन की भरपूर मात्रा, मुंह के कई रोगों को खत्म करना, दांत चमकीले बनाना जैसे स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. हिंदू धर्म में हर त्योहार के पीछे व्यक्ति के स्वास्थ्य को ठीक करने की प्राचीन परंपरा है जिसमें त्योहार के अनुसार खानपान भी बताया गया है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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