रिपोर्ट- सुबीर चौधरी. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां नेशनल हाईवे-45 का निर्माण लोगों के लिए वरदान के बजाय आफत बन गया है. मामला ग्राम पंचायत जोगीसार का है, जहां एक हैंडपंप अब सड़क के बीचोंबीच खड़ा होकर हादसों को न्योता दे रहा है. प्यास बुझाने के लिए लोगों को अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही है. नेशनल हाईवे-45 के चौड़ीकरण ने जोगीसार के ग्रामीणों के सामने जान जोखिम से भरा संकट खड़ा कर दिया है. जो हैंडपंप कभी सड़क के किनारे हुआ करता था, वह अब तेज रफ्तार वाहनों वाली सड़क के ठीक बीचोंबीच आ गया है. तेज रफ्तार वाहनों के बीच लोग बाल्टी लेकर सड़क के बीच खड़े होने को मजबूर हैं. जरा सी चूक और किसी की जान जा सकती है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि साहब प्यास बुझाएं या जान बचाएं. नया बोर सफल नहीं हुआ. अब हमारे पास यही एक सहारा बचा है. जोगीसार की ये तस्वीरें सिस्टम की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े करती हैं. क्या नेशनल हाईवे अथॉरिटी या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है.
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