गुरुग्राम नगर निगम ने खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने और उनके परिवहन के कार्य में लापरवाही बरतने पर पेस्टेक कंपलीट सॉल्यूशन एजेंसी पर 1 लाख 3 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) कार्यालय द्वारा जारी आ
गुरुग्राम नगर निगम ने 13 नवंबर को एजेंसी को खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने और उन्हें निर्धारित गौशाला तक पहुंचाने का कार्य सौंपा था। एजेंसी ने 28 नवंबर से काम शुरू किया, लेकिन कई दिनों तक शिकायतों का सही निवारण नहीं किया गया। निगम को एसएमजीटी पोर्टल, जीआरएस पोर्टल, सीएम विंडो, समाधान शिविर, जीएमडीए पोर्टल और निगम की हेल्पलाइन सहित कई स्रोतों से शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 45 शिकायतें लंबित पाई गईं।
आरएफपी की शर्तों के अनुसार, एजेंसी को अपने वाहनों में जीपीएस और कैमरे लगाकर उनकी आईडी और पासवर्ड नगर निगम को उपलब्ध करवाने थे। लेकिन एजेंसी ने 11 दिनों तक न तो जीपीएस इंस्टॉल किया और न ही कैमरे लगाए, जिससे पशु पकड़ने की गतिविधियों की मॉनिटरिंग प्रभावित हुई।
निगम ने दी सख्त चेतावनी
नगर निगम ने एजेंसी को चेतावनी दी है कि सभी लंबित शिकायतों का समाधान दो दिनों के भीतर किया जाए और दैनिक रिपोर्ट कार्यालय में जमा कराई जाए। निर्देशों की अवहेलना पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जुर्माने की राशि एजेंसी के मासिक बिल से काटी जाए।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी” — डॉ. प्रीतपाल सिंह
नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने कहा कि खुले में घूमने वाले पशु न केवल ट्रैफिक और नागरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि शहर की छवि और स्वच्छता रैंकिंग को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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