गुना पुलिस ने जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए धरनावदा थाना क्षेत्र में एक वर्ष पुराने नाबालिग बालक के अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी गोपाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी 2025 को धरनावदा थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय नाबालिग बालक के लापता होने की सूचना परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। अगले ही दिन, 15 फरवरी 2025 को बालक का शव गांव के एक कुएं से बरामद हुआ। शव की स्थिति अत्यंत संदिग्ध थी, उसके हाथ बंधे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बालक की हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया था। इस पर पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
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घटना के बाद पुलिस के सामने यह मामला बड़ी चुनौती बन गया, क्योंकि मौके पर कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या चश्मदीद नहीं मिले। इसके बावजूद पुलिस ने जांच को लगातार आगे बढ़ाया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, संभावित संदिग्धों की सूची तैयार की गई और आसपास के गांवों में सघन पूछताछ की गई। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं को जोड़कर जांच की दिशा तय की गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और 1 फरवरी 2026 को आरोपी गोपाल यादव पिता ईश्वर यादव (उम्र 55 वर्ष), निवासी ग्राम खेजरा गुरुजी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि घटना वाले दिन नाबालिग बालक ने उसे एक महिला के साथ संदिग्ध अवस्था में देख लिया था। इसी बात के डर से उसने बालक के हाथ कपड़े और रस्सी से बांधे और उसे कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस अंधे हत्याकांड के खुलासे से परिजनों को न्याय की उम्मीद मिली है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है।
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