मकरध्वज की रथ यात्रा की परंपरा
गौरतलब है कि इस मंदिर से वर्ष में दो बार रथ यात्रा निकाली जाती है. पहली आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर और दूसरी मकर संक्रांति के दिन. मकर संक्रांति पर विशेष रूप से प्रभु मकरध्वज की रथ यात्रा निकाली जाती है. गुमला जिला का यह एकमात्र स्थान है, जहां भगवान मकरध्वज की रथ यात्रा की परंपरा है. इस अवसर पर हर वर्ष भव्य मेला भी लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं.
प्रभु जगन्नाथ का अति प्राचीन मंदिर
सिसई प्रखंड के नागफणी क्षेत्र में स्थित यह प्रभु जगन्नाथ का अति प्राचीन मंदिर लगभग ढाई सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है. इस मंदिर की खास बात यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट या गारे का उपयोग नहीं किया गया है. यह मंदिर पत्थरों से निर्मित है और आज भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा है. मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के साथ-साथ प्रभु मकरध्वज की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं.
साल में दो बार रथ यात्रा
मंदिर के पुजारी अनिल पंडा ने बताया कि नागफणी स्थित इस प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से साल में दो बार रथ यात्रा निकाली जाती है. मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज की रथ यात्रा होती है. यह परंपरा केवल इसी मंदिर में देखने को मिलती है, जिसके कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
नागफणी स्थित कोयल नदी में स्नान
मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु सबसे पहले नागफणी स्थित कोयल नदी में स्नान करते हैं. इसके बाद मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान को दही-चूड़ा और तिलकुट का भोग अर्पित करते हैं. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और इसके बाद लोग मेले का आनंद उठाते हैं.
ढाई सौ वर्षों से जारी है रथ यात्रा की परंपरा
पुजारी ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण विक्रम संवत 1761 में रातु महाराज द्वारा कराया गया था. तब से लेकर अब तक लगभग 250 वर्षों से अधिक समय से यहां रथ यात्रा की परंपरा निभाई जा रही है. यह मंदिर ‘मनोकामना मंदिर’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है. इसी विश्वास के साथ दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
मेले में घरेलू उपयोग की वस्तुओं के साथ-साथ तिलकुट, दही, चूड़ा, गुड़, प्रसाद, लड्डू, चिक्की, चाट, फुचका, मिठाइयां, चाऊमीन, चिल्ली, झूले और खिलौनों की दुकानें भी सजी रहती हैं, जो मेले की रौनक को और बढ़ा देती हैं.
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