शिविर में मिलेंगी ये सेवाएं
मुआवजा फॉर्म सहायता, वैसे पीड़ित या आश्रित परिवार जिन्हें सड़क दुर्घटना के पश्चात मिलने वाली सरकारी मुआवजा में दिक्कत हो रही है . मुआवजा फॉर्म भरने में समस्या आ रही है, उन्हें इस शिविर में विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. ‘नेक नागरिक’ (Good Samaritan) जागरूकता’, सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर यानी की गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को सम्मानित किये जाने के विषय में पहल की जाएगी. नकद इनाम एवं प्रशस्ति पत्र, योजना के तहत मददगारों को ₹2,000 से ₹5,000 तक की प्रोत्साहन राशि (केस की गंभीरता के आधार पर) के विषय में दिया जाएगा. योजनाओं की जानकारी, हिट एंड रन (Hit and Run) एवं अन्य सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सरकारी लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.
ट्रैफिक नियम को लेकर निकला स्लोगन
पीड़ित परिवार आवश्यक दस्तावेज (जैसे FIR की कॉपी, मृत्यु प्रमाण पत्र या चिकित्सा रिपोर्ट) के साथ शिविर में अवश्य आएं और इस शिविर का लाभ उठाएं. जिला प्रशासन की अपील: सड़क दुर्घटना एक त्रासदी है, लेकिन आपकी जागरूकता और समय पर की गई मदद किसी का घर उजड़ने से बचा सकती है. घायल की मदद करें, मानवता का धर्म निभाएं, सरकार करेगी आपका सम्मान.
ट्रैफिक नियमों को अपनाओ, अमन-चैन से बढ़ते जाओ, एक्सीडेंट में जो मिले घायल, उसकी तुम जान बचाओ, चर्चा है ये गली-गली, दुर्घटना से देर भली, जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने बाइक चालकों को हेलमेट पहनने के फायदे के बारे में जोर देते हुए कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान की सुरक्षा के लिए पहनें .उन्होंने बताया कि मानक हेलमेट सिर की गंभीर चोटों से 80% तक बचाव करता है.
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