जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत घुनघुटी में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मदारी ढाबा के समीप खड़े एक ट्रक के पीछे सरकारी बोलेरो जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो में सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में मृतक की पहचान इजहार खान पिता तकदीर खान उम्र 32 वर्ष, निवासी मेढकी थाना पाली के रूप में हुई है। मृतक का शव जिला अस्पताल शहडोल की मोर्चरी में रखा गया है। इजहार खान शासकीय बोलेरो का चालक बताया जा रहा है।
घायलों में श्रेया मर्सकोले पिता सूरज मर्सकोले, भानुशी मरावी पिता राम किशोर मरावी, भगवंती मर्सकोले पिता नागरजी मर्सकोले, जूही बनर्जी पिता संजीव बनर्जी, साक्षी मर्सकोले तथा मीनाक्षी मर्सकोले पिता रामप्रसाद मर्सकोले शामिल हैं। इनमें भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रैफर किया गया है। मीनाक्षी बोलेरो में सामने की सीट पर बैठी थी।
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जानकारी के अनुसार बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ जा रही थी। बताया गया है कि सभी लोग एसडीओएफ शहडोल श्रद्धा पेन्द्रों के पारिवारिक सदस्य हैं। हादसे से पहले सभी ने नरसरहा डिपो स्थित एसडीओएफ आवास पर शाम का भोजन किया था और इसके बाद निजी यात्रा पर निकले थे।
पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि बीती रात करीब दो से तीन बजे के बीच यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा शासकीय वाहनों के दुरुपयोग का एक और उदाहरण बनकर सामने आया है। सरकार शासकीय कर्मचारियों को केवल शासकीय कार्यों के लिए वाहन उपलब्ध कराती है लेकिन कई बार इनका उपयोग निजी कार्यों में किया जाता है। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार से कमाने वाला छीन लिया, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी को भी उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में जिम्मेदारी तय कर क्या कार्रवाई करता है।
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