मोदी की गारंटी को पूरा करने सहित 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर 29, 30 और 31 दिसंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में साफ नजर आया। तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन अधिकांश सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
जगदलपुर स्थित कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाएं, कमिश्नर कार्यालय, जिला पंचायत, तहसील और एसडीएम कार्यालयों के ताले नहीं खुले। शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग, पंचायत और राजस्व विभाग सहित अन्य कार्यालयों में भी कर्मचारी अनुपस्थित रहे। कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी वाहन यथावत खड़े रहे। कामकाज के लिए पहुंचे पक्षकार दिनभर कार्यालयों के चक्कर काटते रहे और निराश होकर लौट गए। स्कूलों में रसोइयों के हड़ताल पर रहने से मध्यान्ह भोजन प्रभावित रहा, वहीं शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कई स्कूलों से बच्चे वापस लौटते नजर आए।
इधर कृषि उपज मंडी परिसर जगदलपुर में तीन दिवसीय धरना स्थल पर जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसमें तोकापाल, बकावंड, बस्तर, लोहंडीगुड़ा, बस्तानार और दरभा विकासखंडों के कर्मचारी भी शामिल हुए। धरना स्थल पर फेडरेशन के जिला संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव, बस्तर संभाग प्रभारी कैलाश चौहान, प्रांतीय प्रचार मंत्री टार्जन गुप्ता सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
दोपहर दो बजे के बाद कर्मचारियों ने स्टेट बैंक रोड, मेन रोड, मिताली चौक, संजय मार्केट और अस्पताल रोड से होते हुए जोरदार जंगी रैली निकाली। रैली के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वापसी के दौरान चांदनी चौक में अपर कलेक्टर बस्तर सीपी बघेल को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद रैली धरना स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। इस मौके पर जिला संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा न ले। अभी यह तीन दिवसीय हड़ताल है, यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
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