जगदलपुर में कोरापुट के बाहरी इलाके में लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारी और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रभावित रेल लाइन पर फंसे कर्मचारियों ने रात भर मशक्कत कर ट्रेन को वापस पटरी पर लाने का कार्य शुरू कर दिया।
दुर्घटना का विवरण और बचाव कार्य
यह घटना तब हुई जब लौह अयस्क से भरी मालगाड़ी केके रेललाइन पर सफर कर रही थी। कोरापुट स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास अचानक तीसरे इंजन के बाद के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, तुरंत एआरटी (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) की टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम के सदस्यों ने लौह अयस्क से लदे डिब्बों को वापस पटरी पर चढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए।
आवागमन पर न्यूनतम प्रभाव
सुखद बात यह है कि जिस स्थान पर ट्रेन डीरेल हुई, वह एक आउटर क्षेत्र है। इस वजह से, आसपास के रेल यातायात पर किसी भी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रभावित खंड में यातायात को अन्य लाइनों के माध्यम से संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे कर्मचारियों ने रात के अंधेरे में भी अथक प्रयास करते हुए बचाव कार्य को प्राथमिकता दी, ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके। इस घटना के कारण कुछ ट्रेनों के समय में मामूली बदलाव की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और जल्द से जल्द यातायात सामान्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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