चक्की रेलवे पुल का निर्माण पूरा हुआ, दिनेश देसवाल ने निरीक्षण कर संचालन की मंजूरी दी. पठानकोट से जोगिंदरनगर टॉय ट्रेन जल्द पटरी पर लौटेगी, कांगड़ा घाटी में पर्यटन को संबल मिलेगा.
पठानकोट से जोगिंदरनगर तक चलने वाली टॉय ट्रेन फिर से पटरी पर दौड़ती नजर आएगी.
दरअसल, पठानकोट–जोगिंदरनगर रेल लाइन वर्ष 2022 में आई भारी बारिश और चक्की खड्ड में आए तेज बहाव के कारण बाधित हो गई थी. पुराने रेलवे पुल के बह जाने से रेल सेवा पूरी तरह ठप हो गई थी और पंजाब के पठानकोट से कांगड़ा घाटी का संपर्क टूट गया था. करीब तीन वर्षों तक ट्रेन सेवा बंद रहने से यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ा.
करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है. कमिश्नर रेलवे सेफ्टी, नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने तकनीकी टीम के साथ पुल का गहन निरीक्षण किया. इस दौरान संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक अलाइनमेंट, लोड क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई. सभी मानक संतोषजनक पाए जाने पर पुल को संचालन की मंजूरी दे दी गी.
सीआरएस नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने बताया कि चक्की रेलवे पुल का विस्तृत निरीक्षण किया गया है. सभी तकनीकी और सुरक्षा मानक संतोषजनक पाए गए हैं. निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता का है. संचालन के लिए स्वीकृति दे दी गई है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी.सीआरएस की मंजूरी के बाद अब ट्रेनों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि कांगड़ा घाटी में फिर से टॉय ट्रेन की सीटी गूंजेगी. रेल सेवा की बहाली से पर्यटन को नया संबल मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
उधर, तीन साल बाद टॉय ट्रेन की वापसी कांगड़ा घाटी के विकास के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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