उदयपुर जिले की गोगुंदा विधानसभा में पंचायत राज चुनावों की आहट के बीच सियासत गरमा गई है। सायरा पंचायत समिति में शनिवार को कांग्रेस को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। निवर्तमान प्रधान और कांग्रेस नेता सवाराम गमेती और 5 मौजूदा सरपंचों ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। प्रताप लाल गमेती ने दिलाई सदस्यता
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और गोगुंदा विधायक प्रताप लाल गमेती ने इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी का दुपट्टा (उपरणा) पहनाकर भाजपा की सदस्यता दिलाई। सायरा में हुए इस बड़े सियासी घटनाक्रम को जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली की बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के किले में सेंध लगा दी है। इन दिग्गजों ने छोड़ी कांग्रेस
बीजेपी में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में सायरा के निवर्तमान प्रधान सवाराम गमेती के साथ भानपुरा सरपंच रोडाराम गमेती, सामल सरपंच प्रकाश गमेती, सिंघाड़ा सरपंच फूलाराम गमेती और गायफल सरपंच वालाराम गमेती शामिल हैं। इसके अलावा कडेच के पूर्व सरपंच हंकाराम गमेती और करीब 101 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी एक साथ भाजपा की सदस्यता ली है। जिलाध्यक्ष बोले- कांग्रेस की नीतियों से परेशान थे कार्यकर्ता
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेतृत्व की देश विरोधी सोच और सेना व किसानों के प्रति संवेदनहीनता से दुखी हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में राष्ट्रवादी सोच रखने वाले और भी कई बड़े नेता भाजपा में शामिल होंगे। विधायक प्रताप लाल गमेती ने कहा कि इन नेताओं के आने से क्षेत्र में भाजपा और मजबूत होगी।
सायरा इलाके में हुए इस पाला बदलने के खेल से कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। कार्यक्रम के दौरान गोगुंदा प्रधान सुंदर देवी, उपप्रधान लक्ष्मण सिंह झाला, नाहर सिंह देवड़ा और करण जोशी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव से पहले इतने बड़े स्तर पर दलबदल होने से चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
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