Godda Hawa Mithhai: गोड्डा के जयकांत दास रोज 30 किमी साइकिल चलाकर गांवों में हवा मिठाई बेचते हैं. शहरों में इसे कॉटन कैंडी के नाम से जानते हैं. बच्चे इसे खाने के साथ ही बनाने की प्रक्रिया में भी बेहद रुचि रखते हैं और चाव से देखते हैं.
बच्चे देखकर भी होते खुश
गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत बैजनाथपुर गांव के रहने वाले जयकांत दास इसी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए हैं. जयकांत साइकिल पर घूम-घूमकर गांव-गांव हवा मिठाई बेचते हैं. जब वह किसी गांव में पहुंचते हैं, तो बच्चे उनकी साइकिल को घेरकर खड़े हो जाते हैं और सामने बनती गुलाबी हवा मिठाई को बड़े चाव से देखते रहते हैं. जयकांत बच्चों के सामने ही ताजा हवा मिठाई बनाकर देते हैं, जिससे बच्चों की खुशी दोगुनी हो जाती है.
रोज 300 की कमाई
जयकांत दास ने बताया कि वह रोजाना दोपहर के समय हवा मिठाई बेचने निकलते हैं. इस दौरान वह लगभग 250 से 300 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं. दिन के बाकी बचे समय में वह घर की गृहस्थी संभालते हैं और इसी आमदनी से अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं. उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे आज भी इस पारंपरिक मिठाई को बहुत पसंद करते हैं और बड़े चाव से खाते हैं.
बनने की प्रक्रिया भी रोचक
अगर हवा मिठाई बनाने की प्रक्रिया की बात करें, तो यह देखने में भी काफी रोचक होती है. इसे बनाने के लिए चीनी और खाने वाले रंग का इस्तेमाल किया जाता है. जयकांत ने अपनी साइकिल में गैस चूल्हा फिट कर रखा है. चूल्हे के ऊपर चक्का नुमा लोहे का बर्तन लगाया जाता है, जिसे हाथ से घुमाया जाता है और नीचे से गैस की आंच दी जाती है.
गर्म होने पर चीनी पिघलकर बारीक जालों के रूप में बाहर निकलने लगती है. जब पर्याप्त मात्रा में जाले बन जाते हैं, तो उसे बांस की करची में फंसाकर बच्चों को दे दिया जाता है. गुलाबी रंग की यह हवा मिठाई बच्चों को खास तौर पर आकर्षित करती है.
रोज चलाते 30 किमी साइकिल
जयकांत रोजाना करीब 30 से 40 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर आसपास के गांवों में हवा मिठाई बेचने जाते हैं. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट-बाजार और मेलों में भी वह अपनी साइकिल लेकर पहुंचते हैं, जहां खरीदारी और मेला देखने आए लोग हवा मिठाई का खूब आनंद लेते हैं. आज भी हवा मिठाई ग्रामीण संस्कृति और बचपन की मिठास को जीवंत बनाए हुए है.
About the Author
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.