इस वर्ष गोड्डा में पहली बार बिजली से संचालित होने वाली मां सरस्वती की प्रतिमा तैयार की गई है. यह प्रतिमा डायनेमो आधारित बिजली प्रणाली से चलती है, जिसके माध्यम से मां सरस्वती के हाथ हिलते हुए दिखाई देते हैं, मानो वह भक्तों को आशीर्वाद दे रही हों.
मां सरस्वती की खास प्रतिमा
दरअसल, इस वर्ष गोड्डा में पहली बार बिजली से संचालित होने वाली मां सरस्वती की प्रतिमा तैयार की गई है. यह प्रतिमा डायनेमो आधारित बिजली प्रणाली से चलती है, जिसके माध्यम से मां सरस्वती के हाथ हिलते हुए दिखाई देते हैं, मानो वह भक्तों को आशीर्वाद दे रही हों. पारंपरिक आस्था और आधुनिक तकनीक के इस अनूठे संगम ने लोगों को खासा प्रभावित किया है. बाजार में इस इलेक्ट्रिक मूर्ति को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है और हर कोई इस नई पहल की खुलकर सराहना कर रहा है.
बिजली से चलने वाली मिट्टी की मूर्ति
इस विशेष प्रतिमा को तैयार करने वाले मूर्तिकार दिनेश कुमार पंडित ने बताया कि यह उनकी ओर से पहली बार बनाई गई बिजली से चलने वाली मिट्टी की मूर्ति है. उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने केवल एक ही पीस मूर्ति तैयार की है, ताकि प्रयोग को बेहतर ढंग से समझा जा सके. इस अनोखी प्रतिमा की कीमत लगभग 5,000 रुपये रखी गई है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष यह प्रतिमा गोड्डा जिले के महागामा क्षेत्र में सरस्वती पूजा के अवसर पर स्थापित की जाएगी.
बनाने में करीब 40 दिनों का समय
मूर्तिकार दिनेश कुमार पंडित के अनुसार, इस प्रतिमा को तैयार करने में करीब 40 दिनों का समय लगा है. कच्चे ढांचे को आकार देने से लेकर उसके भीतर मैकेनिज़्म फिट करने और फिर रंग-रोगन व सजावट तक का काम बेहद सावधानी और मेहनत के साथ किया गया है. फिलहाल प्रतिमा लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और अब केवल अंतिम फिनिशिंग का कार्य शेष है, ताकि पूजा के दौरान यह पूरी तरह से आकर्षक और सुरक्षित रूप में स्थापित की जा सके.
यूट्यूब के माध्यम से सीखी तकनीक
उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की प्रतिमा बनाने की प्रेरणा उन्हें कोलकाता से मिली थी. वहां उन्होंने बिजली से चलने वाली मूर्तियां देखीं, जिसके बाद उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से तकनीक सीखी और कड़ी मेहनत के बाद गोड्डा में पहली बार इस प्रयोग को सफल बनाया. मूर्तिकार का कहना है कि भविष्य में वह इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए भगवान विश्वकर्मा, मां दुर्गा, श्रीकृष्ण, सीताराम, बजरंगबली सहित अन्य देवी-देवताओं की भी बिजली से चलने वाली मूर्तियां तैयार कर सकते हैं. यह तकनीक पूजा पंडालों के साथ-साथ यज्ञ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी आकर्षण का केंद्र बन सकती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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