रायबरेली। मौसम में बदलाव के साथ ही जिले में डायरिया के साथ पेट दर्द और बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके चलते ही उल्टी-दस्त के चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई नौ साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं हालत बिगड़ने पर 15 से अधिक रोगियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
नसीराबाद थाना क्षेत्र के गुड़खेत निवासी अजरा (9) पुत्री फैय्याज को हालत बिगड़ने पर सोमवार की शाम जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया था। पेट दर्द के साथ ही उल्टियां होने से बच्ची की हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान रात में बच्ची ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को भी सुबह से ओपीडी में बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की भीड़ रही। मुन्नी देवी (50), पारसनाथ (58), नूर (28), साकिर (4), रूपरानी (60), शोभा (2), अंशिका (2), गुरुदीन (91), आयुष (3) समेत 15 से अधिक मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
ओपीडी में पहुंचे 1900 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को सुबह से ही ऑनलाइन परचा बनवाने के लिए काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लग गई थी। इस दौरान बार-बार सर्वर के काम न करने के कारण भी मरीजों का परचा बनवाने में काफी समय लगने से परेशानी उठाना पड़ी। मंगलवार को ओपीडी में करीब 1900 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इसके चलते ओपीडी कक्षों के बाहर से लेकर दवा काउंटर व रक्त की जांच कराने के लिए मरीजों को लंबी कतार लगानी पड़ी। सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण गैस्ट्रो डायरिया व बुखार के मरीज बढ़े हैं। इन्हें इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
बासी या खुले में रखे भोजन का सेवन न करें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोगों को खानपान में विशेष तौर पर सावधानी बरतने के साथ ही साफ-सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए। खासकर बासी या खुले में रखे भोजन के सेवन से बचना चाहिए। डायरिया और पेट दर्द जैसी बीमारियां अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलती हैं। ऐसे में, व्यक्तिगत स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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