बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का खुलासा
– कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने 13 आरोपियों को किया गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बीमा पॉलिसी दिलाने और बंद पड़ी पॉलिसी का नवीनीकरण कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। यह कॉल सेंटर पिछले पांच साल से सेक्टर-63 में चल रहा था। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने अवैध कॉल सेंटर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल और डायरी समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि महाराष्ट्र की रहने वाली एक महिला ने बीमा के नाम पर ठगी की शिकायत नोएडा पुलिस से की थी। इसके बाद साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने इसकी जांच की और पता चला कि एक अवैध कॉल सेंटर से इस तरह की ठगी देश भर में की जा रही है। इसके बाद पुलिस व साइबर टीम ने मिलकर मंगलवार को ग्रो अप नाम के कॉल सेंटर पर सेक्टर-63 में छापेमारी की। शुरुआत जांच में कॉल सेंटर सही पाया गया और बीमा पॉलिसी के लिए दो नामी कंपनियों के साथ कॉल सेंटर के संचालक का टाईअप मिला। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी तब फर्जीवाड़ा का पता लगना शुरू हुआ। जांच में पता चला कि उन बीमा कंपनियों के ग्राहकों को भी कॉल किया जाता था जिनसे संचालक का टाईअप नहीं था। इसमें ठगी के लिए फर्जी सिम और म्यूल खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अनुमान के मुताबिक ठगों ने अब तक 300 से अधिक लोगों के साथ बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण, बोनस, सरेंडर वैल्यू, मैच्योरिटी राशि और पुराने बीमा पर अतिरिक्त लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी की है। आरोपियों के पास बीमा कंपनियों का डाटा मिला है। इसकी जांच की जा रही है।
ऐसे कर रहे थे लोगों के साथ ठगी:
आरोपी उन लोगों से संपर्क करते थे जिनका पॉलिसी लैप्स हो जाता था। इसके बाद उन्हें लैप्स पालिसी के नाम पर लुभावने ऑफर व आकर्षक रकम की वापसी का झांसा देते थे। इससे लोग इन पर विश्वास कर लेते थे। इसके बाद फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस से लेकर अन्य मदों में पैसे ले लेते थे। बाद में उनका नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस अवैध कॉल सेंटर से हर दिन लोगों के पास फोन जाते थे।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी : पुलिस ने हापुड़ निवासी छत्रपाल शर्मा, बिहार निवासी सत्यम सिंह, राज सलाउद्दीन, दिल्ली निवासी समीर अहमद, ईश्वर कर्माली, मोहम्मद आसिफ और सुहैल, बुलंदशहर निवासी सुहैल खान, गाजियाबाद निवासी विवेक कुमार, नोएडा निवासी सुमित, कासगंज निवासी राजीव कुमार, बहराइच निवासी मिथिलेश और कुशीनगर निवासी हरिओम को गिरफ्तार किया है। छत्रपाल शर्मा सरगना है और एमबीए पास है। वहीं आरोपी समीर ने बीकॉम और राजीव ने बीएससी तक पढ़ाई की है।
एनसीआर से दूर के लोगों को बनाते थे निशाना : पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी नोएडा- दिल्ली से दूर के लोगों निशाना बनाते थे। ताकि आसानी से नोएडा आकर पुलिस से शिकायत नहीं कर सके। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाले 12 खातों को फ्रीज कराया गया है। कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है। आरोपियों के पास से दो लैपपटॉप 31 मोबाइल, चार्जर, सिम कार्ड, कॉल स्किप्ट और बीमा संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं। दो डायरी भी कॉल सेंटर के अंदर से मिली हैं। जिस बिल्डिंग में कॉल सेंटर का संचालन हो रहा था। उसका किराया 40 हजार रुपये प्रति माह था।
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सुशांत
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