31 जनवरी को हुए रिटायर्ड
नरेश प्रसाद हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं. उन्होंने वर्ष 2004 में भारतीय सेना ज्वाइन किया था और लगभग 22 साल तक देश की सेवा करने के बाद 31 जनवरी 2026 को उनकी रिटायरमेंट हुई. नरेश प्रसाद अपने गांव के पहले व्यक्ति थे, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली थी. नरेश अपने गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहे और इनके कारण ही गांव में 50 से अधिक लोग सरकारी नौकरी प्राप्त किए. 22 साल की ड्यूटी के दौरान नरेश देश के विभिन्न हिस्सों में सेवा दी और इस दौरान कई कठिन रास्ते से भी गुजरना पडा.
22 साल सेना में रहकर की देश की सेवा
नरेश प्रसाद ने लोकल 18 को बताया कि गांव के लोगों के द्वारा भव्य स्वागत के लिए ग्रामीणों का आजीवन आभारी रहेंगे. उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि 2004 में जब भारतीय सेना में ज्वाइन किए थे तो आर्मी के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं थी, लेकिन 22 वर्षों में वहां काफी कुछ सीखा. इन 22 वर्षों में कई जगह पर ड्यूटी की, जिसमें जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील जगह का विभिन्न क्षेत्र रहा है.
आतंकवादियों ने उन्हें लिया था घेर
वहीं, पूंछ सेक्टर में भी उन्हें काम करने का अवसर मिला. इस दौरान कई परेशानियां भी सामने आई. एक समय ऐसा आया था जब आतंकियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया था. इसके बाद उन्होंने एके-47 से उन लोगों को अपना दिमाग लगाकर डराया और वह दूर से ही भाग निकले. इस घटना में बटालियन के सभी साथी आगे निकल गए थे और किसी सामान को लेकर हम पीछे रह गए. इसी दौरान आतंकवादियों ने चारों ओर से घेर लिया था, लेकिन किसी तरह उन लोगों का डटकर सामना किया और कुछ देर में बटालियन के लोग भी वहां पहुंच गए.
ऑपरेशन सिंदूर में उनका साथी हो गया था शहीद
गांव में बच्चों के साथ बिताएंगे जिंदगी
वहीं, 22 साल देश की सेवा के बाद अब वह अपने गांव आ गए हैं. अब उनका सपना है कि अब गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें आगे बढ़ाना है और समाज सेवा से जुड़े रहना है. रिटायरमेंट के कारण खुशी और दुख भी हो रहा है. खुशी इस बात को लेकर है कि अब हम अपने माता-पिता और परिवार के साथ घर पर रहेंगे. जबकि दुख इस बात का है कि सेना में मुझे हर तरह की सुविधा मिल रही थी और भारत मां की सेवा करने में गौरवान्वित महसूस कर रहा था, लेकिन अब गांव आ गया हूं तो पूरा समय गांव के बच्चों को आगे बढ़ाने में लगाऊंगा.
सरकारी नौकरी पाने वाले थे गांव के पहले व्यक्ति
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