भरतपुर शहर में इन दिनों गैस की किल्लत का असर अब जरूरतमंदों तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण शहर में संचालित चार अन्नपूर्णा रसोइयां बंद हो गई हैं। इसके चलते गरीब लोगों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को सस्ते भोजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
चार स्थानों की रसोइयों पर लगे ताले
जानकारी के अनुसार आरबीएम अस्पताल, रेलवे स्टेशन, जनाना अस्पताल और हीरा दास बस स्टैंड पर संचालित अन्नपूर्णा रसोइयों में गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण खाना नहीं बन पाया। इन रसोइयों में सामान्य तौर पर ₹8 में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता था, जिससे रोजाना बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग लाभान्वित होते थे।
गैस नहीं मिलने से नहीं बन सका खाना
बताया जा रहा है कि कई जगह भोजन बनाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण सब्जियां और अन्य सामग्री अधूरी ही बर्तनों में रखी रह गईं और भोजन तैयार नहीं हो सका।
घरेलू गैस के लिए भी भटक रहे लोग
गैस संकट का असर शहर के आम उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे रहा है। कई लोग घरेलू गैस सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
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जल्द शुरू होंगी रसोइयां
नगर निगम के रेवेन्यू ऑफिसर तेजराम मीणा ने बताया कि फिलहाल गैस की किल्लत के कारण कुछ रसोई संचालकों को सिलेंडर नहीं मिल पाए थे, जिससे भोजन नहीं बन सका। हालांकि अब विभाग की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही गैस उपलब्ध करवा दी जाएगी, जिसके बाद अन्नपूर्णा रसोइयों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत शहर में जरूरतमंद लोगों को बेहद कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में गैस संकट के कारण रसोइयों के बंद होने से गरीब और मरीजों के परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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