भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा शहर में सोमवार को धामनिया स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर स्वच्छता रथों (टिपर) को पुलिस की मौजूदगी में खाली करवाना पड़ा। इससे एक दिन पहले रथों पर पथराव की सूचना पर एहतियातन पुलिस और नगर परिषद की टीमें मौके पर मौजूद रही। लेकिन पुलिस लौटी तो स्वच्छता रथ चालक दोबारा कचरा निस्तारण केंद्र पर जाने के बजाय कचरे से भरे वाहन कागदी पिकअप वियर स्थित फर्म के कार्यालय पर लाकर खड़े कर िदए। इससे 40 वार्डों में आधे घरों से कचरा नहीं उठा। दरअसल, शहर से डोर-टू-डोर संग्रहीत किया जाने वाला कचरा धामनिया कचरा निस्तारण केंद्र पर डाला जाता है। यहां रोजाना करीब 35 टन कचरा एकत्र होता है। शहर में घरों से दो फर्में कचरा उठाती हैं। करनी कंस्ट्रक्शन के प्रकाश राठौड़ ने बताया कि फर्म 40 वार्डों में डोर- टू-डोर कचरा उठाती है। दो दिन पहले धामनिया में वाहनों पर पत्थर मारे गए। नगर परिषद को बताया तो सोमवार सुबह पुलिस जाब्ता लगाया गया। हमारे चालक कचरा खाली करके लौट आए। दोबारा गए तब वहां पुलिस नहीं थी तो वे कचरा गाड़ियां लेकर लौट आए। एक वार्ड में दो बार गाड़ी भेजनी पड़ती है। गाड़ियां खाली नहीं होने से वार्डों में दूसरा टर्न भी नहीं हो पाया। ^कोई परेशानी नहीं है। घरों से कचरा नियमित संग्रहीत किया जा रहा है और कचरा निस्तारण केंद्र पर डाला भी जा रहा है। जहां तक बदबू फैलने या अन्य शिकायत की है तो निस्तारण केंद्र तो एक दशक से भी ज्यादा पुराना है। -दुर्गेश रावल, नगर परिषद आयुक्त कचरा निस्तारण केंद्र पर पिछले दिनों 16 लाख कीमत की मशीन लगाई गई है। यह मशीन कचरे में से प्लास्टिक, मिट्टी, खाद, जलाने की सामग्री और भारी मिश्रण को अलग-अलग करती है। हर दो दिन में सीमेंट फैक्ट्री से एक डंपर भेजा जाता है, जो जलाने लायक कचरा ले जाता है। इससे दो दिन में जमा 70 टन कचरे का उठाव हो जाता है। बताया जा रहा है कि होली की वजह से इस बार डंपर देरी से आया, इससे कचरा जमा हो गया और बदबू फैलने लगी। कचरा निस्तारण केन्द्र पर रोजाना कचरे को निस्तारित करने के लिए जयपुर की एक फर्म को ठेका दिया गया, जिसका काम सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग करना है। ऐसे में बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने पर कचरा निस्तारण पर भी सवाल उठ रहे हैं। ^थाने पर सूचना मिली थी कि धामनिया में कचरा गाड़ियों को ग्रामीणों ने रोक दिया है। मौके पर देखा तो वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। टीम की मौजूदगी में कचरा खाली भी कराया। -सुशीला, एएसआई, कोतवाली
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