नवाबगंज/विश्नोहरपुर (गोंडा)। रेलवे में काम कराने का झांसा देकर किसानों से ट्रैक्टर किराये पर लेकर दूसरे जिलों में बेचने वाले अंतर जनपदीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। नवाबगंज पुलिस ने गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर पांच ट्रैक्टर बरामद किए हैं।
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि तुलसीपुर माझा निवासी अनीश कुमार ने तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 23 अक्तूबर 2024 को प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेश सिंह, अनूप सिंह, शक्ति सिंह और कुलदीप सिंह रेलवे में काम कराने के नाम पर 25 हजार रुपये मासिक किराये पर उनका ट्रैक्टर ले गए थे। आरोपियों ने तीन माह का अग्रिम किराया 75 हजार रुपये दिया और ट्रैक्टर के कागजात भी अपने साथ ले गए, लेकिन बाद में न तो किराया दिया और न ट्रैक्टर लौटाया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने तुलसीपुर माझा निवासी छोटू यादव, हृदयराम तथा अमेठी निवासी प्रभावती सहित कई लोगों के ट्रैक्टर भी किराये पर लेकर हड़प लिए हैं। पीड़ितों ने नवाबगंज थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एसपी विनीत जायसवाल के निर्देश पर गठित टीम ने विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ के थाना जेठवारा के पूरेवसावन निवासी कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद सुभाष चंद यादव निवासी जगतपुर खास थाना बेबर जिला मैनपुरी, रामजी शर्मा निवासी ग्राम भदावल थाना छाता जिला मथुरा और संदीप यादव निवासी घसीटेपुरवा थाना बड्डुपुर, बाराबंकी को लखनऊ से पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर पांच ट्रैक्टर बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
ऐसे चलता था पूरा खेल
– आरोपी कुलदीप सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाकर किसानों को निशाना बनाता था। गिरोह के सभी लोगों की अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। तुलसीपुर माझा निवासी दुर्गेश सिंह गांव-गांव जाकर किसानों को बहला-फुसलाकर उनके ट्रैक्टर को मासिक किराये पर रेलवे में काम के लिए लगवाने की बात करता था। इसके बाद कुलदीप और दुर्गेश मिलकर किसानों से किराये का एग्रीमेंट करते थे और भरोसा जीतने के लिए दो-तीन महीने का किराया एडवांस दे देते थे, जिससे किसान संतुष्ट हो जाते थे और कुछ समय तक ट्रैक्टर के बारे में पूछताछ नहीं करते थे।
आरोपियों ने बताया कि ट्रैक्टर मिलने के बाद उसे सीधे काम पर लगाने के बजाय गिरोह के दूसरे सदस्य सुभाष चंद यादव निवासी मैनपुरी को दे दिया जाता था। सुभाष आगे रामजी शर्मा निवासी मथुरा और संदीप यादव निवासी बाराबंकी के माध्यम से उन ट्रैक्टरों को दूसरे किसानों को बेच देता था। खरीदारों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि ट्रैक्टर पूरी तरह वैध है और किसी जरूरत के कारण बेचा जा रहा है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ट्रैक्टर बेचने से जो रकम मिलती थी, उसे गिरोह के सभी लोग आपस में बराबर बांट लेते थे। इस तरह गिरोह अलग-अलग जिलों में किसानों को किराये का लालच देकर ट्रैक्टर लेता और फिर उन्हें दूसरे जिलों में बेचकर रकम हड़प लेता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से कई जिलों में सक्रिय था और अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
नवाबगंज थाने में पकड़े गए आरोपी व बरामद ट्रैक्टर। स्रोत: पुलिस