बागेश्वर में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन के बकायेदारों की सूची जारी होने के बाद से खलबली मची हुई है। माननीयों से जुड़े जो बिल पिछले चार वर्षों से धूल फांक रहे थे वे 24 घंटे के भीतर अचानक जमा हो गए।
ऊर्जा निगम ने बीते 20 फरवरी को जिले के टॉप-300 बड़े बकायादारों की सूची सार्वजनिक की थी। इस सूची में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नाम से जुड़े एक विद्युत संयोजन पर भारी बकाया दर्शाया गया था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार इस कनेक्शन पर 22 जनवरी 2022 के बाद से एक रुपया भी जमा नहीं किया गया था। जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआए आनन-फानन में बकाया राशि जमा कर दी गई। इतना ही नहीं, कनेक्शन का नाम बदलकर गौरव कुमार के नाम कर दिया गया।
ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर तब गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब विभाग ने बकाया जमा होते ही रसूखदारों की छवि सुधारने के लिए मीडिया को बाकायदा एक विशेष पत्र जारी कर दिया। ईई मो.अफजाल की ओर से जारी पत्र में विभाग ने सफाई दी है कि होटल के क्रय-विक्रय और तकनीकी कारणों से नाम नहीं बदल पाया था और अब बकाया जमा हो चुका है। विभाग ने मीडिया से इसे जनहित में निशुल्क प्रकाशित करने का आग्रह भी किया। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि समय पर बिल भरने वाले सैकड़ों ईमानदार उपभोक्ताओं के सम्मान में विभाग ने कोई पत्र जारी नहीं किया लेकिन रसूखदारों की छवि की विभाग को बहुत चिंता है।
बकायेदारों की सूची में नाम आने के बाद पता चला कि कैबिनेट मंत्री के नाम वाले संयोजन की प्रॉपर्टी को किसी अन्य व्यक्ति की ओर से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने संयोजन के नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं की थी। इस वजह से कैबिनेट मंत्री का नाम सूची में आया। 21 फरवरी काे संबंधित संचालक ने बिल जमा कर संयोजन में नाम परिवर्तन करा लिया है। जिले में समय से बिल जमा करने वाले ग्राहकों की सूची तैयार कर उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। -मो. अफजाल, ईई ऊर्जा निगम, बागेश्वर
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