बागेश्वर जिले के काश्तकारों की आय दोगुनी करने और बंजर खेतों को आबाद करने के लिए उद्यान विभाग परंपरागत खेती के अलावा नए प्रयोग कर रहा है। विदेशी मूल की उन्नत सब्जी बटरनट स्क्वैश प्रजाति के कद्दू की बड़े पैमाने पर खेती कराने की तैयारी की जा रही है। अपनी खास मिठास और बेमिसाल औषधीय गुणों के लिए मशहूर यह सब्जी न केवल बाजार में ऊंचे दामों पर बिकती है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले की जलवायु इस विशिष्ट कद्दू के लिए बेहद अनुकूल है। उद्यान विभाग की ओर से इन दिनों प्रगतिशील किसानों की पहचान की जा रही है जिन्हें उन्नत किस्म के बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग की योजना है कि क्लस्टर आधारित खेती के जरिये एक बड़ा उत्पादन क्षेत्र विकसित किया जाए ताकि बाहरी मंडियों के व्यापारी सीधे खेतों तक पहुंच सकें। उद्यान सचल केंद्र प्रभारी कमल किशोर पंत ने बताया कि विभाग की तैयारी इस बात पर भी केंद्रित है कि किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाया जाए। उद्यान विभाग बड़े शहरों के फाइव स्टार होटलों और प्रीमियम सब्जी मंडियों से संपर्क साध रहा है जहां इस मखमली कद्दू की भारी मांग है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और जिले को एक नई पहचान भी मिलेगी।
औषधीय गुणों से भरपूर है बटरनट स्क्वैश
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. एजल पटेल ने बताया कि बटरनट स्क्वैश प्रजाति के कद्दू में मौजूद विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन आंखों की रोशनी को बुढ़ापे तक सुरक्षित रखते हैं। उच्च पोटेशियम और लो-कैलोरी होने के कारण यह रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को खराब होने से बचाते हैं। इसके निचले हिस्से पर मौजूद छोटा सा बिंदु इसके पूरी तरह पकने और औषधीय रूप से समृद्ध होने का संकेत देता है।
हमारा लक्ष्य किसानों को ऐसी फसलों की ओर ले जाना है जिनकी लागत कम और मांग वैश्विक हो। बटरनट स्क्वैश की खेती के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है और जल्द ही जमीनी स्तर पर इसके परिणाम दिखेंगे। -हरीश चंद्र आर्या, जिला उद्यान अधिकारी बागेश्वर
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