टीम ने जब मौके पर मौजूद लोगों से सिलिंडरों के भंडारण के संबंध में आवश्यक दस्तावेज और अनुज्ञा पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा, तो वे कोई वैध लाइसेंस या विस्फोटक अनुज्ञा पत्र नहीं दिखा सके। नियमों के अनुसार गैस सिलिंडरों के भंडारण के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
इसके बाद रसद विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी सिलिंडरों को जब्त कर लिया। विभाग का मानना है कि इन सिलिंडरों का उपयोग अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था और इनके जरिए गैस का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा ने बताया कि विभाग को अवैध गैस कारोबार की सूचना मिली थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में 200 से अधिक कमर्शियल गैस सिलिंडर अवैध रूप से भंडारित पाए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की आगे जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह और प्रवर्तन निरीक्षक जयराम गुर्जर भी मौके पर मौजूद रहे। रसद विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गैस कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.